टॉपर्स का पलायन: पढ़ाई यहाँ, ज़िंदगी विदेश में!
देश में 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) की समस्या चिंता का विषय बनती जा रही है। 1990 से 2020 के बीच, JEE की परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले 74%—यानी 31 में से 23—उम्मीदवार (टॉपर्स) विदेश चले गए। बाकी पाँच लोग भारत में ही हैं, लेकिन वे फिलहाल विदेशी कंपनियों के लिए काम कर रहे हैं। यह सिर्फ़ इन लोगों की बात नहीं है; हर साल लाखों छात्र विदेश जा रहे हैं। 2021-22 में, जहाँ 46,878 छात्र पढ़ाई के लिए भारत आए, वहीं 11.59 लाख भारतीय छात्र विदेश चले गए। 2024 तक, यह आँकड़ा बढ़कर 13.36 लाख तक पहुँच गया। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, कई लोग उन्हीं देशों में बसने का फ़ैसला कर रहे हैं।










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