रथ सप्तमी के बारे में ‘योग शास्त्र’ क्या कहता है..?
योग शास्त्र के अनुसार, हमारे शरीर में 2 नाड़ियाँ होती हैं, इड़ा और पिंगला। इसमें पिंगला नाड़ी सूर्य नाड़ी का प्रतीक है। जब प्राणायाम से इन नाड़ियों को शुद्ध किया जाता है, तो कुंडलिनी ऊर्जा जागृत होती है। अगर सूर्य बाहरी दुनिया को रोशनी देता है, तो योग के अभ्यास से हमारे अंदर का चिदात्मा चमकता है। रथ सप्तमी पर किया गया अभ्यास हमारे अंदर की इस अंदरूनी शक्ति को जगाता है। इसीलिए जानकार इस शुभ दिन पर थोड़ा योग करने की सलाह देते हैं।










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